Saturday, 5 February 2022

इत्तफ़ाक

नज़रों से जरा सा हम दूर क्या हुए 

वो तो नजरंदाज करने लगे ।

हमें तवज्जू की तो आरज़ू न थी 

वो इत्तफाक़ से भी मुकरने लगे ।

इत्तफ़ाक

नज़रों से जरा सा हम दूर क्या हुए  वो तो नजरंदाज करने लगे । हमें तवज्जू की तो आरज़ू न थी  वो इत्तफाक़ से भी मुकरने लगे ।